लखनऊ. ज्योतिरादित्य सिंधिया देश के चर्चित नेताओं में शुमार हैं...भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री है और राजशाही अभी भी इनकी रगो में बहती है...गुजरात के गायकवाड़ मराठा राजघराने की राजकुमारी प्रियदर्शनी ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी है....प्रियदर्शनी भारत की सबसे खुबसूरत राजकुमारियों में गिनी जाती हैं.
पहली बार 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान जब वो लोगों के बीच प्रियदर्शनी पहुंची तो उनकी खूबसूरती के हर तरफ चर्चे हो रहे थे. इसी खूबसूरती का शिकार ज्योतिरादित्य सिंधिया भी 25 साल पहले हुए थे.
सिंधिया की नजर में भले ही ये सच्चा प्यार था लेकिन प्रियदर्शनी को हासिल करना और उन्हें साहिल ज्योतिरादित्य के लिए आसान नहीं था. गुजरात सियासत की राजकुमारी प्रियदर्शनी कैसे ग्वालियर साम्राज्य की रानी बनी..ये दिलचस्प कहानी आज हम बताएंगे.
साल था 1991.. दिल्ली में अपने दोस्त के घर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया पहंचे थे. ये पार्टी कोई आम नहीं थी. बड़े बड़े राजघराने और राजशाही परिवार के लोग इसका हिस्सा थे. कार्यक्रम की शुरूआत हुई ही थी कि तभी ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर गुजरात के गायकवाड़ मराठा साम्राज्य की राजकुमारी पर पड़ी. ये राजकुमारी कोई और नहीं बल्की प्रियदर्शनी ही थी...इस दौरान प्रियदर्शनी सिर्फ 16 साल की थी और ज्योतिरादित्य 20 साल के.
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ज्यौतिरादित्य गए थे लेकिन यहां प्रियदर्शनी को देखने के बाद वो सबकुछ भूल गए....पूरे कार्यक्रम के दौरान ज्योतिरादित्य की नजरे प्रियदर्शनी को तलाशती रही... ज्योतिरादित्य ने खुद बताया है कि पहली ही नजर में उन्हें प्यार हो गया था.. उसी दिन ठान लिया था की अगर कोई मेरी पत्नी बन सकती है तो वो सिर्फ प्रिदर्शनी ही है.
लेकिन सवाल था कि आखिर प्रियदर्शनी के वो बात कैसे करे. कैसे मिले...दोनों के बीच का एक रोड़ा ये भी था कि गुजरात राजघराना की गायकवाड़ मराठा परिवार अपनी राजकुमारी को ग्वालियार राजघराने की बहू बनाने पर क्यों राजी होगा.
हालांकि गायकवाड़ राजघराने के रिश्ते ग्वालियार के इस राजशाही परिवार से ठीक थे...कहते हैं ज्योतिदित्य की दादी प्रियदर्शनी से मिल चुकी थी लेकिन जब ग्वालियर की राजमाता मिली थी तब प्रियदर्शनी सिर्फ 13 साल थी.
ग्वालियार राजघराने की राजमाता और ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी को जब जानकारी हुई की उनके पोते ज्योतिरादित्य को प्रियदर्शनी से प्यार हो गया है तो उन्होंने प्रियदर्शिनी राजे के पिता कुमार संग्रामसिंह गायकवाड़ से बीत की....और शादीका प्रस्ताव रखा...कहते है जिस दिल्ली वाले कार्यक्रम में ही प्रियदर्शनी को भी ज्योतिरादित्य पसंद आ गए थे....उसके बाद कई बार दोनों की मुलाकाते भी हुई.
इधर दोनों का प्यार परवान चढ़ रहा था वहीं दूसरी तरफ राजमाता के प्रस्ताव के बाद गायकवाड़ मराठा साम्राज्य के राजा संग्राम सिंह को भी इस रिश्ते से कोई अपत्ति नहीं थी....इस तरह से 1994 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शनी की शादी हुई...इस दौरान प्रियदर्शनी 19 साल की थी और ज्योतिरादित्य सिंधिया 23 साल के.
दोनों की शादी के अब 27 साल हो चुके हैं.....प्रियदर्शनी अभी भी कभी कभार ज्योतिरादित्य के साथ राजशाही अंदाज में बाहर नजर आ जाती है.....बचपन से ही उन्हें घुडसवारी का शौक था... 2008 में, प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया को Verve की "बेस्ट ड्रेस्ड - 2008" की लिस्ट में शामिल किया गया था.
साल 2012 में, उन्होंने फेमिना की भारत की 50 सबसे खूबसूरत महिलाओं की लिस्ट में जगह बनाई थी. ज्योतिरादित्य और प्रियदर्शनी के ग्वालियर के महल का नाम 'जयविलास' है. प्रियदर्शनी ने एक इंटरव्यू में कहा था, किसी भी महल में रहना एक फुलटाइम जॉब के बराबर होता है...
प्रियदर्शनी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो बच्चे हैं.... बेटे का नाम महाआर्यमन है तो बेटी का अनन्या...अनन्या को भी मां की ही तरह घुडसवारी का शौक है...बेटा महाआर्यमन 14 साल की उम्र से ही पिता के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं....महाआर्यमन ग्वालियर समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में काफी लोकप्रिय हैं.
ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी अपने पति के लिए 2019 में लोगों से वोट मांगती नजर आ चुकी हैं....कांग्रेस में 18 सालों तक रहने के बाद फिलहाल ज्योतिरादित्य भाजपा में शामिल हो चुके हैं...भाजपा ने सिंधिया को केंद्रीय उद्दयन मंत्री बनाया है...बहुत की कम उम्र में इस प्रेमी जोड़े की शादी हुई थी लेकिन शादी के करीब 27 साल बाद भी ग्वालियर राजपरिवार की महारानी प्रियदर्शनी और महाराजा ज्योतिरादित्या के बीच प्यार कम नहीं हुआ है.
